गोरखपुर

कंटेन्मेंट ज़ोन से जरूरत के सामानों की खरीदारी के लिए घर से बाहर निकल रहे लोग

उपेंद्र द्विवेदी,
गोरखपुर |

पादरी बाजार क्षेत्र के आधे दर्जन से अधिक मोहल्लों को कंटेंटमेंट जोन घोषित कर दिया गया है। ऐसे में इन मोहल्लों से लोगों की आवाजाही पर पाबंदी होनी चाहिए। प्रशासन द्वारा मोहल्लों में जरूरत के सामानों की अनुपलब्धता के कारण लोग अपने घरों से बाजार में खरीदारी के लिए निकल रहे हैं। इसके चलते कोरोना संक्रमण की आशंका बढ़ गयी है।

लाइव रिपोर्ट

एचएन सिंह धर्मपुर रोड
एचएन सिंह से धर्मपुर को जाने वाली सड़क पर स्थित दुकाने बंद है। इसके अलावा धर्मपुर तिराहे पर पुलिस की तैनाती नहीं की गई है।

एचएन सिंह चौराहा
एचएन सिंह चौराहे पर सभी दुकाने खुली हुई थी। इसके अलावा ग्राहकों की भारी आवाजाही भी हो रही थी। रोस्टर के अनुसार ही सभी दुकानें खुली हुई पाई गई। चौराहे पर ही दो पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

धर्मपुर लेबर तिराहा
धर्मपुर तिराहे पर स्थित लेबर चौराहे वाली गली में दो पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा बांस का बैरियर लगाकर कॉलोनी को सील किया गया है। तिराहे से पहले नाला खुदा होने की वजह से आवागमन पहले से ही रुका हुआ है।

शाहपुर कॉलोनी
शाहपुर आवास विकास कॉलोनी एंट्री पॉइंट पर बात का बैरियर लगाकर कॉलोनी को सील किया गया है जबकि कॉलोनी के अन्य कई रास्ते हैं जो खुले हुए हैं। उन रास्तों से लोगों की आवाजाही हो रही है। आवास विकास कॉलोनी से मलिन बस्ती की ओर जाने वाले सभी रास्ते खुले हुए हैं। इधर से लोगों की आवाजाही हो रही है।

इन्द्रप्रस्थपुरम कॉलोनी
पादरी बाजार क्षेत्र के इन्द्रप्रस्थपुरम कॉलोनी को बैरियर लगाकर सील कर दिया गया है साथ ही एक पुलिसकर्मी की तैनाती भी की गई है। यहां भी लोग जरूरत के सामानों की खरीदारी के लिए खाली पड़े प्लाट से होकर निकल रहे हैं।

मानस विहार कॉलोनी
मानस विहार कॉलोनी के मुख्य एंट्रेंस पर पेड़ की टहनियों व झाड़ियों द्वारा कॉलोनी को सील किया गया है। यहां किसी भी पुलिसकर्मी की तैनाती नहीं की गई है। कॉलोनी के दूसरे छोर पर कई रास्ते बाजार की ओर खुलते हैं। इधर से लोगों का आवागमन हो रहा है।

क्या है कन्टेनमेंट जोन, जाने
कन्टेनमेंट जोन वह इलाका होता है, जहां कोरोना वायरस के पॉजिटिव केस मिले हों और प्रशासन को लगता है कि वहां से और संभावित मामले सामने आ सकते हैं। ऐसे में उस इलाके को पूरी तरह सील किया जाता है। एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर पुलिस की तैनाती की जाती है। लोगों को वहां से आने-जाने की इजाजत नहीं होती है। इसका उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। यह कन्टेनमेंट जोन बिल्डिंग, हाऊसिंग सोसाइटी से लेकर स्लम पॉकेट और अस्पताल तक हो सकते हैं।
सबसे बड़ा अंतर यह है कि कंटेनमेंट जोन के तीन किलोमीटर के दायरो को पूरी तरह सील कर दिया जाता है। यहां किसी भी तरह की आवाजाही नहीं होती है।

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