चंदौली

गिलोय का पौधा मानव जीवन के लिए अमृत है : आयुष पाठक

ओ पी श्रीवास्तव, चंदौली

चंदौली (सैयदराजा ) : आयुष मंत्रालय नेशनल मेडिसिन प्लांट बोर्ड़ व काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में गुरुवार को बरहनी ब्लाक अन्तर्गत स्थित खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय के परिसर में कार्यालय के कर्मचारी व क्षेत्र के किसानों, ग्रामीणो को 100 गिलोय ( गुरूच / अमृता ) के पौधो का वितरण किया गया । पौधो का वितरण करते हुए मुख्य  अतिथि श्री महेंद्र चौबे रहे ।
इस अवसर पर काशी हिन्दू विश्व विद्यालय से आये आयुष पाठक ने कहा कि प्रकृति ने हमारे आसपास  ऐसे पौधो एवं वनस्पतियों को दिया है जिसका सेवन करके हम लोग अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाकर किसी भी बीमारी से बचाव कर सकते है । उन्हीं वनस्पतियो मे से एक गिलोय भी है । प्रतिदिन गिलोय का काढा और जूस का सेवन करके वर्तमान मे कोरोना जैसी महामारी से बचा जा सकता है । इस अवसर पर उपस्थित गिलोय मिशन के जिला समन्यवक आयुष पाठक ने गिलोय का पौधा लेने आये किसानो एव ग्रामीणो को इसके लगाने और सेवन करने की विधि से अवगत कराया । उन्होंने कहा कि एन्टीआक्सीडेन्ट गुण के कारण गिलोय के सेवन से मोटापा , हृदयरोग , मधुमेह  ,नेत्र विकार , त्वचा रोग और रक्त की कमी  दूर होती है । इसलिए मानव जीवन के लिए यह वास्तव मे अमृत है ।


  बरहनी ब्लॉक के apo श्री आशीष सिंह ने  कहा कि ब्लाक के  प्रत्येक गांव के ग्राम प्रधान से सम्पर्क करके गिलोय का अधिक से अधिक पौधरोपण कराने का प्रयास किया जा रहा है ।  मिशन के जिला समन्यवक ने कहा कि गिलोय का पौध नीम के पेड़ के पास लगाना ज्यादा लाभकारी है । हमारा प्रयास है कि जितनी नीम है उतने गिलोय के पौध लगाए जाय । खंड विकाश अधिकारी बरहनी श्री महेंद्र चौबे ने कहा कि कोरोना के प्रकोप को देखते हुए आज हर कोई चारो तरफ गिलोय की पत्ती , पौधा और उसकी जड एव तना ढूढता फिर रहा है । इसका काढा काफी लाभकारी सिद्ध हो रहा है । इससे ढेर सारे फायदे है । 


    कार्यक्रम के संयोजक कार्तिकेय मिस्र , आशुतोष उपाध्याय और उनके सहयोगी अन्य लोग रहे बताया कि हम लोग प्रतिदिन प्रत्येक ग्राम पंचायत पर गिलोय का पौधा और उसके औषधि गुणों के विसय में प्रचार प्रसार कर रहे है।
इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी कार्यालय बरहनी के कर्मचारी व ग्राम प्रधान मौजूद रहे।

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