चुनाव

बलिया: जानिए क्यों ग्रामीणों ने चुनाव का बहिष्कार करने का किया ऐलान

संजय कुमार तिवारी

रतसर (बलिया)
लोकतन्त्र के इस महापर्व पर विकास का दंभ भरने वाले प्रत्याशी की नजर शायद ही इस गांव की तरफ गई हो। लेकिन ग्रामीणों ने वोट का बहिस्कार करने का अपना निर्णय ले चुके है।


भारत की आत्मा गांवो में बसती हो या नही पर उसका पिछड़ापन वहीं निवास करता है, और इसी पिछड़ेपन को दूर करने के लिए केन्द्र सरकार ने माडल गांव बनाने की बात कहती है। सरकार के इसी दावे की पोल खोलती नजर आती है रतसर न्याय पंचायत के अन्तर्गत ग्राम सभा भैरोबांध । गांव में आवागमन के लिए एकमात्र प्रवेश द्वार से पांच सौ मीटर दूरी पर बनी पुलिया जो विगत दो वर्ष पूर्व जर्जर हालत में थी और ट्रैक्टर पर सामान लेकर जा रहे ग्रामीणों को पुलिया पार करते समय अचानक टूट जाने के कारण घायल हो गए थे तब से लेकर आज तक पुलिया उसी तरह से पड़ी है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत प्रधान, विधायक, मन्त्री से लगायत प्रशासनिक अमला से अपनी पीड़ा सुनाते-सुनाते थक हारकर जन सहयोग सें बांस की पुलिया का निर्माण कराया वो भी जर्जर अवस्था में पहुंच बड़े हादसे को दस्तक दे रही है।


बताते चले कि यह ग्राम सभा रतसर न्याय पंचायत में आता है लेकिन गांव से बाहर लगभग 500 मीटर की दूरी पर बनी पुलिया नूरपुर ग्राम सभा में आती है। विगत दो वर्ष पूर्व जर्जर पुलिया को लेकर ग्रामीण दोनों गांव के प्रधान से मिले लेकिन दो पाटन के बीच में साबित बचा न कोय कहावत इस पुलिया को लेकर चरितार्थ होने लगी और आज तक उसका निर्माण नही हो सका। इस बावत गांव के कृपाशंकर चौहान ने बताया कि इस बार हमारे गांव के लोगों ने फैसला किया है कि किसी भी पार्टी को हम लोग अपना वोट नही देगे।

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